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बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।


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मंगलवार, 13 फ़रवरी 2018

Laxmirangam: टूटते बंधन

Laxmirangam: टूटते बंधन: टूटते बंधन पाश्चात्य सभ्यता के अनुसरण की होड़ में जो सबसे महत्वपूर्ण बातें सीखी गई या सीखी जा रही है उनमें जो सर्वप्रथम स्थान पर आता है...

गुरुवार, 1 फ़रवरी 2018

♥कुछ शब्‍द♥: मुरली वाले__❤

♥कुछ शब्‍द♥: मुरली वाले__❤: मुरली वाले तू सुनले पुकार नैया मेरी, फंस गई मजधार___ भूल हुई तुझको न जाना दिलने कभी तुमको न माना तुझमें ही सारे संसार का सार मुरली वाले...

मंगलवार, 19 दिसंबर 2017

चिड़िया: दो बालगीत

चिड़िया: दो बालगीत: 1- जानवरों का नववर्ष जंगल के पशुओं ने सोचा हम भी धूम मचाएँ , मानव के जैसे ही कुछ हम भी नववर्ष मनाएँ ! वानर टोली के जिम्मे है फल-फू...

रविवार, 26 नवंबर 2017

चिड़िया: बूँद समाई सिंधु में !

चिड़िया: बूँद समाई सिंधु में !: प्रीत लगी सो लगि गई, अब ना फेरी जाय । बूँद समाई सिंधु में, अब ना हेरी जाय ।। हिय पैठी छवि ना मिटे, मिटा थकी दिन-रैन । निर्मोही के ...

सोमवार, 13 नवंबर 2017

चिड़िया: पुस्तक समीक्षा - "मन दर्पण"

चिड़िया: पुस्तक समीक्षा - "मन दर्पण": पुस्तक समीक्षा रचना – मन दर्पण. रचनाकार – माड़भूषि रंगराज अयंगर. प्रकाशक – बुक बजूका पब्लिकेशन्स, कानपुर. मूल्य – रु. 175 मात्र ...

मंगलवार, 7 नवंबर 2017

चिड़िया: जब शरद आए !

चिड़िया: जब शरद आए !: ताल-तलैया खिलें कमल-कमलिनी मुदित मन किलोल करें हंस-हंसिनी ! कुसुम-कुसुम मधुलोभी मधुकर मँडराए, सुमनों से सजे सृष्टि,जब शरद आए !!! ...

रविवार, 5 नवंबर 2017

चिड़िया: जीवन - घट रिसता जाए है...

चिड़िया: जीवन - घट रिसता जाए है...: जीवन-घट रिसता जाए है... काल गिने है क्षण-क्षण को, वह पल-पल लिखता जाए है... जीवन-घट रिसता जाए है । इस घट में ही कालकूट विष, अमृत है इस...